भीगी पलकें ही मुहोब्बत का सिला है

भीगी पलकें ही मुहोब्बत का सिला है शायद
जो मेरी प्यास ने माँगा था, मिला है शायद
हैं उम्र भर की चुभन पर ये तितलियां कैसीं?
दिल के कैक्टस पे कोई फूल खिला है शायद