मौज-मस्ती के पल भी आएंगे – ग़ज़ल – Rajgopal Singh

मौज-मस्ती के पल भी आएंगे
पेड़ होंगे तो फल भी आएंगे
आज की रात मुझको जी ले तू
चांद-तारे तो कल भी आएंगे
चाहतें दोस्ती की पैदा कर
रास्ते तो निकल भी आएंगे
आइने लाए जाएंगे जब तक
लोग चेहरे बदल भी आएंगे
अजनबी बादलों से क्या उम्मीद
आए तो ले के जल भी आएंगे
– राजगोपाल सिंह