हर नज़र में एक कोशिस होती है,

हर नज़र में एक कोशिस होती है,
हर दिल में एक चाहत होती है,
मुमकिन नहीं हे हर एक के लिए ताजमहल बनाना,
क्योकि हर एक के दिल में चार – पांच मुमताज़ होती है..